बदरी बाबा के अंगना जैयो,
जैयोगरज बरस के कहियो।
कहियो कि तेरी गुड़िया तुझको बहुत पुकारे,
तेरे कांधे पर सिर रख के नींद संजोए सारे।
कहियो कि बिटिया बहुत याद करे,
आँचल की छाँव को दिन रैन धरे।
कहियो वो प्यार भरा हाथ याद बहुत आए,
जिससे डर भी अपनापन बन जाए।।
बिजुरी मय्या के अंगना जैयो
जैयो झम झम चमक के कहियो
जाहियो कहियो की हम है
तेरी बिटिया की सखियाँ
कहियो वो रिमझिम रैना याद बहुत आवे,
सखियों संग बतकही फिर से बहलावे।
कहियो पीहर की बातों का दीप जले,
सावन में फिर सबका मन हरे।।
पुरवा भैया के घर को जैयो
जैयो छू छू कर कलाई कहियो
कहियो की हम हैं तेरी बहना की रखिया
तेरी बहना तुझको बुलावें, सावन में झूला झूलावें।
कहियो सावन बिना भैया अधूरा लगे,
तेरे बिना हर त्योहार सूना सूना लगे।।
हँसी, ठिठोली, नाच गाना,
तेरे बिना सब अधूरा जाना।।
कागा भाभी के अंगना जैयो,
जैयो उड़ उड़ के संदेशों मेरो दैयो।
कहियो हम हैं तोरी ननदी की बतिया,
याद बहुत सताबे बुलाबे है तेरी नन्दिया।
कहियो तेरी लाडो तीज में आय ना पाई,
पर मन तो तेरे आँगन ही रहि जाई।।
झूला सजायो अमुआ की डार पे,
बचपन की मस्ती बुलाईयो प्यार से।।
Warm Regards,
गौरव सिंह सेंगर
Comments (0)